द माउंटबेटन प्लान, 1947
प्रस्तावना किसी भी विषय पर लिखने के लिए हम अपने मन में विचारों को एक जगह इकठ्ठा कर लेते हैं | इन विचारों के बारे में जानना अपने आप में ही एक अनोखा अनुभव होता है | ऐसा ही कुछ मेरे साथ भी हुआ जब मैंने इस लेख को लिखना शुरू किया था | यह लेख भारतीय इतिहास की उस घटना का व्याख्यान करता है जिसने उस समय को लोगों के जीवन पर एक बहुत ही गहरा प्रभाव छोड़ा था | चूँकि हिंदुस्तान के विभाजन की घटना एक ऐतिहासिक घटना है और इतिहास के पन्नों में उसका विस्तृत वर्णन भी है इसलिए उसे एक लेख के रूप में लिखना मुझे थोड़ा मुश्किल काम लगा | लेकिन इस विषय के प्रति जो दिलचस्पी थी उसने कोई भी मुश्किल महसूस नहीं होने दी और यह लेख पूरा तैयार हो गया | इस लेख में कुछ क्षेपक भी जोड़े गए हैं जिसको पाठकगण अन्यथा नहीं समझेंगे, ऐसा मेरा मानना है | अब ज्यादा कुछ ना कहते हुए बस इतना बताना चाहूँगा कि इस लेख में जिस वास्तविकता का वर्णन मौलिकता के साथ करने का प्रयत्न किया गया है यदि वह प्रयत्न सफल हो गया हो तो एक बार बताइयेगा ज़रूर | धन्यवाद ! देवेश दिनवंत पाल | 14/07/2020 *****************************************************...

Bahut khoob
ReplyDeleteShukriya
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